Breaking News
मेक्सिको में फिर आए भूकंप में चार लोगो की मौत         ||           जम्मू एवं कश्मीर में सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में आतंकवादी ढेर         ||           राजधानी दिल्ली में सुबह बदली छाई         ||           उप्र में मुठभेड़ में 4 लुटेरे गिरफ्तार, 2 फरार         ||           मेक्सिको में भूकंप से मरने वालों की संख्या 305 हुई         ||           भारत इंदौर वनडे में सीरीज जीतने के इरादे से उतरेगा         ||           वार्नर ने कहा हमारे खिलाड़ी स्पिनरों को खेल सकते हैं         ||           अखिलेश ने कहा बनावटी समाजवादियों से सावधान रहें, नेताजी हमारे साथ         ||           मारिन, वेई और एक्सेलसेन जापान ओपन फाइनल में         ||           कांग्रेस ने कहा चांडी को मंत्रिमंडल से बर्खास्त करें         ||           अनुपम खेर ने कहा शेखर कपूर मेरे सच्चे मित्र         ||           जद(यू) ने कहा कर्मो का फल भोग रहे हैं लालू         ||           प्रणव-सिक्की की जोड़ी जापान ओपन के सेमीफाइनल में हारी         ||           बिहार में सिरफिरे आशिक ने चाकू गोदकर लड़की की हत्या की         ||           प्रधानमंत्री मोदी मेरे लिए पूजा के समान है स्वच्छता         ||           प्रधानमंत्री मोदी ने उप्र में पशुधन आरोग्य मेले का उद्घाटन किया         ||           बिहार में मौसम साफ         ||           राजधानी दिल्ली में आज जारी रहेगी बारिश         ||           उप्र में बादल छाए, बारिश से तापमान में गिरावट         ||           अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर पाकिस्तानी गोलीबारी में बीएसएफ के दो जवानों सहित पांच घायल         ||           
close
Close [X]
अब तक आपने नोटिफिकेशन सब्‍सक्राइब नहीं किया है. अभी सब्‍सक्राइब करें.

Home >> काम के घंटे लंबे होने से दिल के दौरे का खतरा

काम के घंटे लंबे होने से दिल के दौरे का खतरा


admin ,Vniindia.com | Saturday July 15, 2017, 09:28:00 | Visits: 88







खास बातें


1 दिल की धड़कन काम के घंटे लंबे होने से अनियमित होने का जोखिम हो सकता है 2 इस अवस्था को आट्रियल फाइब्रलेशन कहते हैं 3 इस शोध का प्रकाशन 'यूरोपियन हार्ट जनरल' में किया गया है

लंदन, 15 जुलाई (वीएनआई)। दिल की धड़कन काम के घंटे लंबे होने से अनियमित होने का जोखिम हो सकता है। इस अवस्था को आट्रियल फाइब्रलेशन कहते हैं। यह स्ट्रोक व हार्ट फेल्योर को बढ़ाने का काम करता है। शोध में पता चला है कि ऐसे लोग जो सप्ताह में 35 से 40 घंटे काम करते हैं, उनकी तुलना में 55 घंटे काम करने वालों में आट्रियल फाइब्रलेशन के होने की संभावना करीब 40 फीसदी होती है।



यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन के प्रोफेसर मिका किविमाकी ने कहा, उन लोगों में अतिरिक्त 40 फीसदी जोखिम बढ़ना एक गंभीर खतरा है, जिन्हें पहले ही दूसरे कारकों जैसे ज्यादा उम्र, पुरुष, मधुमेह, उच्च रक्त चाप, उच्च कोलेस्ट्रॉल, मोटापा धूम्रपान व शारीरिक गतिविधि नहीं करने से दिल के रोगों का ज्यादा खतरा है या जो पहले ही दिल के रोगों से पीड़ित हैं। किविमाकी ने कहा, यह उन प्रक्रियाओं में से एक हो सकता है जिसे पहले के अध्ययनों में लंबे समय तक काम करने वालों में स्ट्रोक के खतरे की संभावना बताई गई है। आट्रियल फाइब्रलेशन स्ट्रोक के विकास व स्वास्थ्य पर दूसरे प्रतिकूल असर डालता है। इसमें हार्ट फेल्योर व स्ट्रोक से जुड़े डेमेंशिया शामिल हैं। इस शोध का प्रकाशन 'यूरोपियन हार्ट जनरल' में किया गया है।



Latest News




कमेंट लिखें


आपका काममें लाइव होते ही आपको सुचना ईमेल पे दे दी जायगी

पोस्ट करें


कमेंट्स (0)


Sorry, No Comment Here.

संबंधित ख़बरें