Breaking News
वार्नर ने कहा स्टोक्स ने कई लोगों की उम्मीदों को तोड़ा है         ||           अनंत कुमार ने कहा संसद के शीतकालीन सत्र की घोषणा जल्द         ||           विराट कोहली टेस्ट रैंकिंग में पांचवें स्थान पर पहुंचे         ||           राष्ट्रपति कोविंद हड़ताल के बीच मणिपुर पहुंचे         ||           सेंसेक्स 118 अंकों की तेजी पर बंद         ||           प्रियरंजन दासमुंशी के निधन पर विजय मल्होत्रा ने शोक जताया         ||           योगी आदित्यनाथ ने कहा राहुल गांधी वंशवाद की परम्परा को ही आगे बढ़ाएंगे         ||           कांग्रेस ने कहा गुजरात चुनाव के कारण संसद से बच रही है सरकार         ||           आज का दिन:         ||           छिल्लर की जीत पर शिवसेना ने भाजपा पर तंज कसे         ||           ममता ने कहा आधार संख्या जोड़ना समस्याओं से भरा         ||           भारतीय बास्केट में कच्चे तेल की कीमत 60.86 डॉलर प्रति बैरल         ||           माजिद मजीदी ने कहा अपने देश से ज्यादा भारत में मशहूर हूं         ||           पुतिन ने सीरिया युद्ध पर चर्चा के लिए असद से मुलाकात की         ||           इटली फुटबाल संघ के अध्यक्ष का इस्तीफा         ||           नौसेना का आरपीए विमान दुर्घटनाग्रस्त         ||           राजद अध्यक्ष के रूप में लालू की 10वीं बार ताजपोशी         ||           जद (यू) गुजरात में 50 से ज्यादा सीटों पर लड़ेगी चुनाव         ||           आसियान के साथ चीन सहयोग बढ़ाने के लिए तैयार         ||           लीबिया में अगवा डॉक्टर की रिहाई की डब्ल्यूएचओ ने अपील की         ||           
close
Close [X]
अब तक आपने नोटिफिकेशन सब्‍सक्राइब नहीं किया है. अभी सब्‍सक्राइब करें.

Home >> दिल्ली की हवा हुई खराब, सांस लेने का मतलब 50 सिगरेट रोज पीना

दिल्ली की हवा हुई खराब, सांस लेने का मतलब 50 सिगरेट रोज पीना


admin ,Vniindia.com | Thursday November 09, 2017, 10:52:17 | Visits: 27







नई दिल्ली, 9 नवंबर (वीएनआई)| दिल्ली में हवा की गुणवत्ता का सूचकांक 451 तक जा पहुंचा है, जबकि इसका अधिकतम स्तर 500 है। इस हवा में सांस लेने का मतलब है करीब 50 सिगरेट रोज पीने जितना धुआं आपके शरीर में चला जाता है। बीमार लोगों के अलावा स्वस्थ व्यक्तियों के लिए भी यह हवा हानिकारक है।



इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के अनुसार, यह स्वास्थ्य की आपात स्थिति है, क्योंकि शहर व्यावहारिक रूप से गैस चैंबर में बदल गया है। आईएमए के अध्यक्ष डॉ. के.के. अग्रवाल ने कहा, धुंध एक जटिल मिश्रण है और इसमें विभिन्न प्रदूषक तत्व जैसे नाइट्रोजन ऑक्साइड और धूल कण मिले होते हैं। यह मिश्रण जब सूर्य के प्रकाश से मिलता है तो एक तरह से ओजोन जैसी परत बन जाती है। यह बच्चों और बड़ों के लिए एक खतरनाक स्थिति है। फेफड़े के विकारों और श्वास संबंधी समस्याओं वाले लोग इस स्थिति में सबसे अधिक प्रभावित होते हैं। डॉ. अग्रवाल ने कहा, "वायु प्रदूषण हर साल दिल्ली में 3,000 मौतों के लिए जिम्मेदार है, यानी हर दिन आठ मौतें। दिल्ली के हर तीन बच्चों में से एक को फेफड़ों में रक्तस्राव की समस्या हो सकती है। अगले कुछ दिनों तक घर के अंदर रहने और व्यायाम या टहलने के लिए बाहर न निकलने की सलाह दी गई है। आईएमए ने दिल्ली-एनसीआर के सभी स्कूलों के लिए सलाह या एडवाइजरी जारी करने के लिए दिल्ली के मुख्यमंत्री से पहले ही अपील की है, ताकि रेडियो, प्रिंट और सोशल मीडिया जैसे विभिन्न मीडिया माध्यमों से इसे प्रसारित किया जा सके। 19 नवंबर को एयरटेल दिल्ली हाफ मैराथन को रद्द करने के लिए भी अनुरोध किया है।



डॉ. अग्रवाल ने बताया, "जब भी आद्र्रता का स्तर उच्च होता है, वायु का प्रवाह कम होता है और तापमान कम होता है, जब कोहरा बन जाता है। इससे बाहर देखने में दिक्कत आती है और सड़कों पर दुर्घटनाएं होने लगती हैं। रेलवे और एयरलाइन की सेवाओं में भी देरी होने लगती है। जब वातावरण में प्रदूषण का स्तर उच्च होता है तो प्रदूषक कण कोहरे में मिल जाते हैं, जिससे बाहर अंधेरा छा जाता है। इसे ही स्मॉग कहा जाता है। उन्होंने कहा, धुंध फेफड़े और हृदय दोनों के लिए बहुत खतरनाक होती है। सल्फर डाइऑक्साइड की अधिकता से क्रोनिक ब्रॉन्काइटिस हो जाती है। उच्च नाइट्रोजन डाइऑक्साइड स्तर से अस्थमा की समस्या बढ़ जाती है। पीएम10 वायु प्रदूषकों में मौजूद 2.5 से 10 माइक्रोन साइज के कणों से फेफड़े को नुकसान पहुंचता है। 2.5 माइक्रोन आकार से कम वाले वायु प्रदूषक फेफड़ों में प्रवेश करके अंदर की परत को नुकसान पहुंचा सकते हैं। रक्त में पहुंचने पर ये हृदय धमनियों में सूजन कर सकते हैं।



प्रदूषण स्तर बढ़ने पर सावधानियां :



* अस्थमा और क्रोनिक ब्रॉन्काइटिस वाले मरीजों को अपनी दवा की खुराक बढ़ानी चाहिए।



* स्मॉग की परिस्थितियों में अधिक परिश्रम वाले कामों से बचें। 



* धुंध के दौरान धीमे ड्राइव करें।



* धुंध के समय हृदय रोगियों को सुबह में टहलना टाल देना चाहिए।



* फ्लू और निमोनिया के टीके पहले ही लगवा लें। 



* सुबह के समय दरवाजे और खिड़कियां बंद रखें।



* बाहर निकलना जरूरी हो तो मास्क पहन लें।



Latest News




कमेंट लिखें


आपका काममें लाइव होते ही आपको सुचना ईमेल पे दे दी जायगी

पोस्ट करें


कमेंट्स (0)


Sorry, No Comment Here.

संबंधित ख़बरें