Breaking News
आज का दिन :         ||           मैदानों इलाकों में हल्की सी ठंड बढ़ गई         ||           टोंक में प्रधानमंत्री की चुनावी सभा         ||           'गली' बॉय'         ||           एयरो इंडिया शो के पास पार्किंग एरिया में लगी भयानक आग, 100से अधिक कारें जलकर राख         ||           आज का दिन :         ||           स्टीव इरविन         ||           कश्मीरी छात्रों पर हमले पर सुप्रीम कोर्ट नाराज़, केंद्र सरकार और 10 राज्यों को नोटिस         ||           आज का दिन :         ||           (भारत ऑस्ट्रेलिया सीरीज) )पीठ में खिंचाव के कारण हार्दिक पंड्या सीरीज से बाहर         ||           पुलवामा हमले के बाद केंद्र सरकार ने दी जवानों को हवाई यात्रा की सुविधा         ||           सऊदी जेलों में बंद 850 भारतीय कैदी रिहा होंगे, हज कोटा भी बढा         ||           आज का दिन :         ||           अयोध्या जमीन विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट में 26 फरवरी को सुनवाई होगी         ||           सर्वोच्च अदालत ने अनिल अंबानी को अवमानना का दोषी करार दिया         ||           भारत-सऊदी अरब के बीच 5 अहम समझौते,पीएम ने कहा "आतंकवाद समर्थक देशों पर दबाव डालेंगे"         ||           सऊदी युवराज सलमान की भारत यात्रा- आज पॉच समझौते होने की उम्मीद         ||           मोदी सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में तीन फीसदी की बढ़ोतरी         ||           सिक्किम की पुलवामा शहीदों के परिजनों को आर्थिक सहयाता और बच्चों को शिक्षा की घोषणा         ||           Sikkim CM proposes to sponsor education for kids of Pulwama martyres         ||           
close
Close [X]
अब तक आपने नोटिफिकेशन सब्‍सक्राइब नहीं किया है. अभी सब्‍सक्राइब करें.

Home >> सुलभ इंटरनेशनल के संस्थापक डॉक्टर पाठक निक्की एशिया सम्मान से सम्मानित

सुलभ इंटरनेशनल के संस्थापक डॉक्टर पाठक निक्की एशिया सम्मान से सम्मानित


admin ,Vniindia.com | Thursday June 14, 2018, 10:01:55 | Visits: 250







टोकियो, 14 जून(वीएनआई) जाने-माने भारतीय सामाजिक कार्यकर्ता और सुलभ शौचालय जैसी सस्ती तकनीक के जनक डॉ. बिंदेश्वर पाठक को यहां इस साल के प्रतिष्ठित निक्की एशिया पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। उन्हें यह पुरस्कार संस्कृति और समुदाय श्रेणी के लिए दिया गया। भारत से पूर्व प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह और इन्फोसिस के चेयरमैन एन आर नारायणमूर्ति इस पुरस्कार से पहले सम्मानित हो चुके हैं. 



जापान का प्रतिष्ठित निक्की-एशिया पुरस्कार एशिया की उन  हस्तियों और संगठनों को दिया जाता है, जिन्होंने लोगों के सामुदायिक जिंदगी में क्रांतिकारी और सकारात्मक बदलाव लाने में बड़ी भूमिका निभाई है। 1996 में निक्की इंडस्ट्री द्वारा स्थापित यह पुरस्करार एशिया में क्षेत्रीय विकास, विज्ञान, तकनीक और नवाचार के साथ ही संस्कृति और समुदाय की श्रेणी में उल्लेखनीय योगदान के लिए दिया जाता है। निक्की इंडस्ट्रीज ने अपने जापानी भाषा के अपने अखबार की 120वीं सालगिरह पर 1996 में इस पुरस्कार की स्थापना की थी। यह कंपनी जापान के प्रमुख आर्थिक अखबार का प्रकाशन करती है। जिसके अंग्रेजी और चीनी भाषा में भी संस्करण हैं। 



सुलभ इंटरनेशल के संस्थापक को आज सुबह यह सम्मान निक्की इंडस्ट्रीज के प्रेसिडेंट नाओतोशी ओकादा ने दिया। सम्मान की घोषणा करते हुए सम्मान समिति के अध्यक्ष फुजियो मितराई ने कहा कि डॉक्टर पाठक को यह सम्मान उनके देश की दो बड़ी चुनौतियों खराब साफ-सफाई व्यवस्था और भेदभाव की चुनौती का मुकाबला करने के लिए दिया जा रहा है। डॉक्टर पाठक के साथ चीन के पर्यावरण विद् मा जून को जहां इंटरनेट के जरिए सफाई व्यवस्था को सुधारने के लिए सम्मानित किया गया, वहीं वियतनाम के प्रोफेसर न्ग्यें थान लीम को विज्ञान और तकनीकी श्रेणी में बच्चों के लिए सस्ती दवाओं के विकास के लिए दिया गया।

 

गौरतलब है कि डॉ पाठक ने दो गड्ढों वाले फ्लश और पर्यावरण अनुकूल कम्पोस्ट बनाने वाले सुलभ शौचालय का आविष्कार किया है। भारत के अलावा यह तकनीक अनेक एशियायी व अफ्रीकी देशों मे अपनाई गई है जिसने विकासशील दुनिया के करोड़ों लोगों की जिंदगी में बड़ा बदलाव लाने में बड़ी भूमिका निभाई है। इसके साथ ही इसने ग्रामीण महिलाओं और हाथ से मैला सफाई करने वाली जिंदगी में भी सकारात्मक बदलाव लाने में भूमिका निभाई है। डॉ पाठक ने यह पुरस्कार समाज के उस कमजोर वर्ग को समर्पित किया जिसकी बेहतरी के लिए वे पांच दशकों से अधिक समय से अभियान चला रहा है। उन्होंने कहा,  यह पुरस्कार विशेष रूप से एशिया में समाज की सेवा के प्रति मेरी प्रतिबद्धता में एक और मील का पत्थर साबित होगा।"



Latest News



Latest Videos



कमेंट लिखें


आपका काममें लाइव होते ही आपको सुचना ईमेल पे दे दी जायगी

पोस्ट करें


कमेंट्स (0)


Sorry, No Comment Here.

संबंधित ख़बरें