Breaking News
वित्तमंत्री जेटली कश्मीर में शांति बहाली के लिए सरकार कदम उठा रही         ||           नितिन पटेल ने कहा मूर्खो के फार्मूले को मूर्खो ने स्वीकारा         ||           सेंसेक्स 83 अंकों की तेजी पर बंद         ||           सोनम कपूर ने कहा मैं अहमियत रखने वाली चीजों पर ध्यान देती हूं         ||           सर्वोच्च न्यायालय ने कहा जेपी एसोसिएट्स 275 करोड़ रुपये जमा करे         ||           मुकुल संगमा ने कहा मेघालय के राजस्व संग्रह के आकलन में जीएसटी सक्षम नहीं         ||           दुनिया भर में शेयरइट के 1.2 अरब यूजर्स         ||           भारतीय बास्केट में कच्चे तेल की कीमत 60.95 डॉलर प्रति बैरल         ||           पीवी सिंधु हांगकांग ओपन के दूसरे दौर में पहुंची         ||           साइना नेहवाल हांगकांग ओपन के दूसरे दौर में, कश्यप और सौरभ बाहर         ||           शत्रुघ्न ने 'पद्मावती' पर मोदी, अमिताभ की चुप्पी पर उठाया सवाल         ||           योगी ने कहा संपूर्ण विकास के लिए निकायों में भी भाजपा की सरकार जरूरी         ||           हार्दिक ने कहा पाटीदार आरक्षण पर कांग्रेस का फार्मूला स्वीकार है         ||           आज का दिन :         ||           कश्मीर में तापमान शून्य से नीचे, लेह सबसे ठंडा         ||           राजधानी दिल्ली में सुबह कोहरा छाया         ||           अमेजन क्षेत्र में हत्याओं की ग्रीनपीस ने निंदा की         ||           मजीद मजीदी ने कहा भारत के पास प्रतिभा, लेकिन उनके पास मौके नहीं         ||           उप्र निकाय चुनाव में पहले चरण का मतदान जारी, योगी ने डाला वोट         ||           उप्र में तेज हवाओं ने बढ़ाई ठंड         ||           
close
Close [X]
अब तक आपने नोटिफिकेशन सब्‍सक्राइब नहीं किया है. अभी सब्‍सक्राइब करें.

Home >> माकपा ने कहा केरल में हम सबसे बड़े पीड़ित

माकपा ने कहा केरल में हम सबसे बड़े पीड़ित


admin ,Vniindia.com | Thursday August 10, 2017, 06:56:40 | Visits: 98







नई दिल्ली, 10 अगस्त (वीएनआई)| केरल में सत्तारूढ़ मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) का कहना है कि भाजपा और आरएसएस के दावों के विपरीत केरल में कई मार्क्‍सवादियों की हत्या हुई है। पार्टी ने कहा है कि वर्ष 2000 से ही राज्य में हुई राजनीतिक हिंसा में अन्य पार्टियों की तुलना में इसने अपने ज्यादा सदस्यों को खोया है। 



माकपा की पत्रिका 'पीपुल्स डेमोक्रेसी' के संपादकीय में कहा गया है, "आरएसएस के नेतृत्व में भाजपा ने आरएसएस-भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ माकपा की तथाकथित हिंसा के विरोध में अखिल भारतीय अभियान शुरू किया है। आगे लिखा गया है, "लेकिन, मनगढ़ंत तथ्य टिक नहीं सकते। केरल पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2000 से 2017 के बीच आरएसएस-भाजपा के 65 सदस्य मारे गए, जबकि इन्होंने माकपा के 85 सदस्यों की हत्या की। इन आंकड़ों से ही पता चलता है कि ज्यादा हमले किसने किए हैं। संपादकीय के अनुसार, पिछले वर्ष मई में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा अपना प्रभाव कायम करने में नाकाम रही, जिसके बाद आरएसएस-भाजपा की योजनाओं का खुलासा हो रहा है।



संपादकीय में कहा गया, यह केरल के सभी इलाकों में माकपा के कार्यकर्ताओं पर हिंसक हमला करने के अपने पुराने तौर-तरीके फिर से अपना रहा है।  राष्ट्रीय स्तर पर आरएसएस द्वारा आरएसएस-भाजपा कार्यकर्ताओं को हिंसा का शिकार बनाए जाने की बात फैलाकर मार्क्‍सवादियों के खिलाफ दुष्प्रचार किया जा रहा है। माकपा पर हावी होने और एलडीएफ सरकार को अस्थिर करने में नाकाम होने पर उनका यह कृत्य हताशा का संकेत है। कथित घोटालों की ओर इशारा करते हुए कहा गया है कि भाजपा की राज्य इकाई भ्रष्टाचार के मामले में खुद घिरी हुई है। माकापा का दावा है कि ऐसा मामले से ध्यान भटकाने के लिए किया गया है। आरएसएस कार्यकर्ता की हत्या के लिए माकपा को दोषी ठहराया जा रहा है। इसका राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है। यह एक स्थानीय बाजार पर नियंत्रण का झगड़ा था और जिस गिरोह ने हत्या की है, उसका माकपा से कोई जुड़ाव नहीं है और उस पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। संपादकीय में कहा गया है, आरएसएस को यह अहसास होना चाहिए कि उसकी हिंसक प्रवृत्तियां केरल में नहीं चलेंगी। आरएसएस की हिंसक प्रवृत्तियों का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पिछले दिनों इसके एक नेता ने मध्यप्रदेश में सार्वजनिक मंच से कहा था कि जो कोई केरल के मुख्यमंत्री पिनारायी विजय का सिर काटकर लाएगा, उसे एक करोड़ का मकान इनाम में दिया जाएगा। 



Latest News




कमेंट लिखें


आपका काममें लाइव होते ही आपको सुचना ईमेल पे दे दी जायगी

पोस्ट करें


कमेंट्स (0)


Sorry, No Comment Here.

संबंधित ख़बरें