Breaking News
अखिलेश यादव ने कहा भाजपा ने भारत को 'राष्ट्रीय शर्म' की हालत में पहुंचा दिया         ||           विदेश मंत्री सुषमा ने चीन के राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति से मुलाकात की         ||           मेघालय से अफस्पा हटा, अरुणाचल में आठ थाना क्षेत्रों तक सीमित         ||           विपक्षी दल नायडू के फैसले के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय जाएंगे         ||           मोंटे कार्लो जीतकर एटीपी रैंकिंग में शीर्ष पर बने हुए हैं नडाल         ||           सिमोना हालेप डब्ल्यूटीए रैंकिंग में शीर्ष पर बरक़रार         ||           सेंसेक्स 35 अंकों की तेजी पर बंद         ||           राहुल ने कहा मोदी सरकार सर्वोच्च न्यायालय का दमन कर रही है         ||           केरल में राज्यसभा सीट के लिए कांग्रेस में खींचतान         ||           शमशाद बेगम की पुण्य तिथि पर `         ||           आज का दिन :         ||           रोहित ने कहा हमारी बल्लेबाजी अच्छी नहीं थी         ||           बिहार में भाजपा सांसद का बेटा शराब के नशे में गिरफ्तार         ||           जम्मू एवं कश्मीर में प्रदर्शनकारियों और सेना के बीच संघर्ष में एक छात्र घायल         ||           दिल्ली में तीन मंजिला इमारत में भीषण आग, 2 लोगो की मौत         ||           अमेरिका के टेनेसी में गोलीबारी, 4 लोगो की मौत         ||           लीबिया में झड़प, 2 लोगो की मौत         ||           नाइजीरिया में गोलीबारी, 10 लोगो की मौत         ||           अपनी अनमोल आँखों का गर्मी में रखें खास ख्याल         ||           पूजा भट्ट ने कहा मुझे उस युग में ले चलिए, जब लोग अच्छे थे         ||           
close
Close [X]
अब तक आपने नोटिफिकेशन सब्‍सक्राइब नहीं किया है. अभी सब्‍सक्राइब करें.

Home >> वैद्यनाथ धाम में मुंडन के बाद 'बाबा नीर' से स्नान की अनोखी परंपरा

वैद्यनाथ धाम में मुंडन के बाद 'बाबा नीर' से स्नान की अनोखी परंपरा


admin ,Vniindia.com | Sunday July 23, 2017, 10:24:00 | Visits: 292







देवघर, 23 जुलाई । झारखंड में भगवान भोलेनाथ के द्वादश ज्योतिर्लिगों में से एक ज्योतिर्लिग को वैद्यनाथ धाम के नाम से जाना जाता है। वैद्यनाथ धाम स्थित ज्योतिर्लिग 'कामना लिंग' को भगवान शंकर के द्वादश ज्योतिर्लिगों में सर्वाधिक महिमामंडित माना जाता है। वैसे तो अन्य तीर्थस्थलों की तरह यहां मंदिर परिसर में भी 'मुंडन' की प्रथा है, परंतु यहां बाल मुंडन के बाद बाबा नीर (भगवान के ज्योतिर्लिग पर जलाभिषेक किए गए जल) से स्नान करने की अनोखी परंपरा है। मान्यता है कि ऐसा करने से जहां सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं, वहीं मुंडन कराने वालों के सभी कष्ट भी दूर हो जाते हैं।



हजारों श्रद्धालु मनोकामना पूर्ति के लिए कामना लिंग पर प्रतिदिन जलाभिषेक करने पहुंचते हैं, परंतु भगवान शिव के सबसे प्रिय महीने सावन में यहां उनके भक्तों का हुजूम उमड़ पड़ता है। मान्यता है कि श्रद्धापूर्वक जो भी यहां बाबा के द्वार पहुंचता है, उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। कुछ लोग यहां अपनी मनोकामना मांगने आते हैं तो कुछ अपनी मनोकामनापूर्ण होने पर शिव का आभार प्रकट करने आते हैं। वैद्यनाथ धाम के पुजारी जय कुमार द्वारी कहते हैं, यहां मुंडन की पंरपरा काफी पुरानी है। मुंडन संस्कार कराने के लिए यहां लोगों की भारी भीड़ जुटती है। ऐसे में पौराणिक काल से ही यहां मुंडन संस्कार के बाद 'बाबा नीर' से स्नान करने की भी प्रथा है। उन्होंने कहा कि बच्चों के अलावा व्यस्क भी मनोकामना पूर्ण होने के बाद मुंडन कराने पहुंचते हैं।



वह कहते हैं, यजुर्वेद के अनुसार मुंडन संस्कार बल, आयु, आरोग्य तथा तेज की वृद्धि के लिए किया जाने वाला अति महत्वपूर्ण संस्कार है। जन्म के बाद पहले वर्ष के अंत या फिर तीसरे, पांचवें या सातवें वर्ष की समाप्ति से पहले शिशु का मुंडन संस्कार करना आमतौर पर प्रचलित है। उन्होंने बताया कि आमतौर पर मुंडन संस्कार किसी तीर्थस्थल पर इसलिए कराया जाता है, जिससे उस स्थल के दिव्य वातावरण का लाभ शिशु को मिले तथा उसके मन में सुविचारों की उत्पत्ति हो सके। ऐसे में इस बाबा दरबार की प्रसिद्धि काफी है। जयकुमार कहते हैं कि कई लोग पहले संकल्प ले लेते हैं और जब उनकी मान्यता पूरी हो जाती है तब वे वहां आकर मुंडन करवाते हैं। मुंडन कराकर लोग इसी बाबा नीर से स्नान करते हैं और तब फिर भगवान की पूजा अर्चना करते हैं।



एक अन्य पंडा मौनी द्वारी बताते हैं कि यह प्रथा यहां काफी पुरानी है। उन्होंने बताया, "प्रतिदिन हजारों लोग मंदिर के गर्भगृह में बाबा के ज्योतिर्लिग पर जलाभिषेक करते हैं। इस जलाभिषेक किए गए नीर को बाहर निकासी के लिए मंदिर प्रशासन द्वारा उचित व्यवस्था की गई है। इसी नीर से मुंडन के बाद लोग स्नान करते हैं। कई लोग तो इस बाबा नीर को प्रसाद के रूप में अपने घर ले जाना नहीं भूलते। मुंडन कराने का भाव समर्पण से माना जाता है।-आईएएनएस

 



Latest News




कमेंट लिखें


आपका काममें लाइव होते ही आपको सुचना ईमेल पे दे दी जायगी

पोस्ट करें


कमेंट्स (0)


Sorry, No Comment Here.

संबंधित ख़बरें