Breaking News
उमा भारती ने कहा मायावती पर फिर होगा लखनऊ गेस्ट हाउस जैसा हमला         ||           डीएमके सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण के खिलाफ कोर्ट पहुंची         ||           राजधानी दिल्ली में ठंड का कहर जारी, 7 लोगों की मौत         ||           कन्नौज से चुनाव लड़ सकती हैं डिंपल यादव         ||           मायावती ने कहा मैं कांशीराम की शिष्या हूँ, उन्हीं की स्टाइल में दूंगी जवाब         ||           आज का दिन : सुचित्रा सेन         ||           श्रीनगर में पुलिस टीम पर ग्रेनेड अटैक में तीन पुलिसकर्मी घायल         ||           राम माधव ने कहा राष्ट्र विरोधी ताकतों से कानूनी प्रकिया के जरिए ही निपटना होगा         ||           एन. श्रीनिवासन ने कहा बीसीसीआई में गड़बड़ी         ||           राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद गंगा पूजन के लिए प्रयागराज पहुंचे         ||           शशि थरूर ने कहा मोदी को मिला फर्जी फिलिप कोटलर अवॉर्ड पीएमओ को लौटा देना चाहिए         ||           फिल्म निर्माता ने मंदिर में की आत्महत्या         ||           पेट्रोल-डीजल आज फिर महंगा हुआ         ||           माली में आतंकवादियों के हमले में 10 लोगों की मौत         ||           एनआईए ने पश्चिम यूपी और पंजाब समेत 7 ठिकानों पर छापेमारी की         ||           दिल्ली के खयाला इलाके में हिंसा में एक की मौत, दो घायल         ||           देश के शेयर बाज़ारो के शुरूआती कारोबार में तेजी का असर         ||           दिल्ली समेत पूरे उत्तर भारत में ठंड कहर जारी, कई ट्रेनें लेट         ||           भाजपा अध्यक्ष अमित शाह एम्स में भर्ती, स्वाइन फ्लू की शिकायत         ||           कोहली ने कहा भारत को टेस्ट की सुपरपावर बनते देखना चाहता हूं         ||           
close
Close [X]
अब तक आपने नोटिफिकेशन सब्‍सक्राइब नहीं किया है. अभी सब्‍सक्राइब करें.

Home >> गीतकार/शायर साहिर लुधयानवी की पुण्य तिथि (25 अक्टूबर) पर

गीतकार/शायर साहिर लुधयानवी की पुण्य तिथि (25 अक्टूबर) पर


admin ,Vniindia.com | Friday October 26, 2018, 04:04:00 | Visits: 105







नई दिल्ली. 26 अक्टूबर, (सुनील कुमार/वीएनआई) साहिर लुधयानवी का जन्म 8 मार्च 1921 को लुधियाना में हुआ, निधन 25 अक्टूबर 1980 को मुंबई में हुआ. हर बड़े शायर की तरह ही साहिर की शायरी भी आम आदमी को नए नए मुहावरे दे गई.



साहिर, शैलेन्द्र और शकील अपने समय के फ़िल्मी गीतों की ऐसी त्रिमूर्ति थे जिन्होंने फ़िल्मी मुहावरे में उत्कृष्ठ साहित्य की रचना की. साहिर संगीतकार से एक रूपया अधिक पारिश्रमिक लेते थे और इस बात को लेकर वह बेहद जिद्दी थे. साहिर ने ही ऑल इण्डिया रेडियो में गीतकार का नाम शामिल करने की परंपरा शुरू करवाई.



जुहू इलाक़े के जिस क़ब्रिस्तान में साहिर को दफ़न किया गया था वहीं मुहम्मद रफ़ी, मधुबाला, नौशाद, तलत महमूद, नसीम बानो, ख़्वाज़ा अहमद अब्बास, जान निसार अख़्तर और सरदार जाफ़री जैसी हस्तियां भी दफ़नाई गई थीं.



कौन  भूल सकता  है   साहिर की लिखी  ये  पंक्तियाँ "  मैं   पल  दो  पल     का   शायर  हूँ.....","चलो  एक बार  फिर से   अजनबी  बन जाएँ ..."   “”इक शहंशाह ने दौलत का सहारा लेकर / हम ग़रीबों की मुहब्बत का उड़ाया है मज़ाक”!



वो  अफ़साना  जिसे  अंजाम  तक  लाना  न हो मुमकिन ,उसे इक  खूबसूरत  मोड़  दे कर  छोड़ना  अच्छा। ........ ,ये थे  साहिर



 



 



Latest News



Latest Videos



कमेंट लिखें


आपका काममें लाइव होते ही आपको सुचना ईमेल पे दे दी जायगी

पोस्ट करें


कमेंट्स (0)


Sorry, No Comment Here.

संबंधित ख़बरें