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कहानी (अमूल्य) अमूल की


admin ,Vniindia.com | Friday October 12, 2018, 11:03:00 | Visits: 21







नई दिल्ली, 12 अक्टूबर, (सुनील कुमार/वीएनआई) अमूल के संस्थापक वर्गीस कुरियन के अनुसार असली विकास जमीन और पशुओं का नहीं बल्कि पुरुष और     महिलाओं का है ! उनका ये सपना अमूल में साफ़ दिखता है !            



अहमदाबाद से लगभग १०० की मी की दूरी पर बसा एक छोटा शहर है आणंद। आणंद' देश के दूध की राजधनी के नाम से प्रसिद्ध है। अमूल जोकि देश के सबसे प्रसिद्ध डेयरी (दुधशाला) का निर्माण १९४६ मे हुआ था। उस दौरान गुजरात मे केवम् एक ही डेयरी थी, पोलसन डेयरी जिसकी स्थापना १९३० मे हुई थी। पोलसन डेयरी उत्तम श्रेणी के लोगों मे बहुत प्रख्यात था। किंतु साथ ही वह देशी किसानों के शोषण के लिये भी विख्यात हो गया। राष्ट्रीय नेता श्री सरदार पटेल ने कुछ उत्तेजित किसानों के साथ इसके खिलाफ नॉन-कॉपरेशन आन्दोलन शुरु कर दिया। इसके परिणामस्वरुप १४ दिसम्बर १९४६ मे अमूल इ'डिया की स्थापना हुई। आरंभ मे वह बगैर किसी निश्चित वितरित नेटवर्क के, वह केवल दुध एवं उसके अन्य उत्पादों कि आपूर्ति करते है। इसकी शुरुवात केवल दो संस्थानों और शिर्फ २४७ लीटर दुध के साथ हुइ थी।



 



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