Breaking News
आज का दिन :         ||           मैदानों इलाकों में हल्की सी ठंड बढ़ गई         ||           टोंक में प्रधानमंत्री की चुनावी सभा         ||           'गली' बॉय'         ||           एयरो इंडिया शो के पास पार्किंग एरिया में लगी भयानक आग, 100से अधिक कारें जलकर राख         ||           आज का दिन :         ||           स्टीव इरविन         ||           कश्मीरी छात्रों पर हमले पर सुप्रीम कोर्ट नाराज़, केंद्र सरकार और 10 राज्यों को नोटिस         ||           आज का दिन :         ||           (भारत ऑस्ट्रेलिया सीरीज) )पीठ में खिंचाव के कारण हार्दिक पंड्या सीरीज से बाहर         ||           पुलवामा हमले के बाद केंद्र सरकार ने दी जवानों को हवाई यात्रा की सुविधा         ||           सऊदी जेलों में बंद 850 भारतीय कैदी रिहा होंगे, हज कोटा भी बढा         ||           आज का दिन :         ||           अयोध्या जमीन विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट में 26 फरवरी को सुनवाई होगी         ||           सर्वोच्च अदालत ने अनिल अंबानी को अवमानना का दोषी करार दिया         ||           भारत-सऊदी अरब के बीच 5 अहम समझौते,पीएम ने कहा "आतंकवाद समर्थक देशों पर दबाव डालेंगे"         ||           सऊदी युवराज सलमान की भारत यात्रा- आज पॉच समझौते होने की उम्मीद         ||           मोदी सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में तीन फीसदी की बढ़ोतरी         ||           सिक्किम की पुलवामा शहीदों के परिजनों को आर्थिक सहयाता और बच्चों को शिक्षा की घोषणा         ||           Sikkim CM proposes to sponsor education for kids of Pulwama martyres         ||           
close
Close [X]
अब तक आपने नोटिफिकेशन सब्‍सक्राइब नहीं किया है. अभी सब्‍सक्राइब करें.

Home >> चीन के प्रमुख अखबार की चेतावनी- भारत के प्रति घमंडी रवैया चीन के लिए घातक

चीन के प्रमुख अखबार की चेतावनी- भारत के प्रति घमंडी रवैया चीन के लिए घातक


Vniindia.com | Saturday March 04, 2017, 08:08:30 | Visits: 264







बीजिंग,4 मार्च ( वी एन आई) चीन के एक प्रमुख अखबार ने लिखा है कि ने अगर चीन ने भारत के प्रति घमंडी रवैया अख्तियार किया या विनिर्माण क्षेत्र में उसकी बढ़ती प्रतिस्पर्धा को नजरअंदाज किया, तो यह उसके लिए घातक साबित होगा. ग्लोबल टाइम्स के एक संपादकीय के मुताबिक, भारत के विनिर्माण क्षेत्र के विकास का मतलब है, चीन के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा और अधिक दबाव. लेख में कहा गया है कि नोटबंदी के कारण भारतीय अर्थव्यवस्था के सुस्त रहने के बावजूद विनिर्माण क्षेत्र में 8.3 फीसदी की बढ़ोतरी एक बड़ी उपलब्धि है. अखबार के मुताबिक, 'अक्टूबर से दिसंबर 2016 के दौरान भारत की विकास दर सात फीसदी रही है, जो अनुमान से अधिक है और यह आंकड़ा सही है या नहीं, इस पर काफी बहस भी हुई है. इस बीच देश की अर्थव्यवस्था के अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं पर कम ध्यान दिया गया. जिस चीज को नजरअंदाज किया गया, वह है भारत के विनिर्माण क्षेत्र की बढ़ती प्रतिस्पर्धा.'

संपादकीय में कहा गया, 'जनवरी महीने में भारत द्वारा चीन को निर्यात में पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 42 फीसदी की बढ़ोतरी देखी गई, जिसकी चीन के अधिकांश विशेषज्ञों ने अनदेखी की. लेकिन अगर चीन ने भारत की बढ़ती प्रतिस्पर्धा पर अभिमानी रवैया अपनाया तो यह बेहद खतरनाक होगा.'

संपादकीय के मुताबिक, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नोटबंदी के कदम ने भारतीय अर्थव्यवस्था की रफ्तार पर ब्रेक लगाया है, लेकिन तीसरी तिमाही में देश के विनिर्माण क्षेत्र की रफ्तार फिर भी 8.3 फीसदी है. यह भारत के लिए बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि कुछ विशेषज्ञों ने कहा था कि नोटबंदी से विकास के आंकड़ों पर बेहद बुरा प्रभाव पड़ सकता है.'

अखबार ने कहा, 'भारत जैसे बड़े देश में विनिर्माण क्षेत्र के विकास का अर्थ है चीन पर ज्यादा दबाव. भारत के विनिर्माण क्षेत्र से मिल रही प्रतिस्पर्धा एक रणनीति महत्ता का मुद्दा है और इसपर अधिक ध्यान दिए जाने की जरूरत है.' लेख में यह भी कहा गया है कि यह कहना अभी जल्दबाजी होगी कि भारत, विनिर्माण क्षेत्र में चीन की जगह ले सकता है. संपादकीय के मुताबिक, 'स्क्रू से लेकर वाणिज्यिक विमानों के निर्माण के लिए कम समय में औद्योगिकी श्रृंखला का निर्माण करना आसान नहीं है. भारत निर्मित वस्तुओं से बढ़ती प्रतिस्पर्धा पर पैनी नजर रखी जानी चाहिए.'

Latest News



Latest Videos



कमेंट लिखें


आपका काममें लाइव होते ही आपको सुचना ईमेल पे दे दी जायगी

पोस्ट करें


कमेंट्स (0)


Sorry, No Comment Here.

संबंधित ख़बरें