Breaking News
राहुल गाँधी ने हाफिज की रिहाई को लेकर मोदी पर कसा तंज         ||           आज का दिन :         ||           मुरली विजय का शतक, पुजारा ने भी जड़ा अर्धशतक, चायकाल तक भारत ने बनाये 185/1 रन         ||           सीजेआई मिश्रा ने कहा नागरिकों के मूलभूत अधिकारों के लिए खड़े होना न्यायपालिका का नैतिक दायित्व         ||           प्रधानमंत्री मोदी की कुपोषण से निपटने के लिए उच्चस्तरीय बैठक         ||           सोनिया गाँधी ने मिस्र में हुए आतंकवादी हमले की निंदा की         ||           रानी मुखर्जी ने कहा आदित्य से फिल्मों को लेकर बातचीत नहीं होती         ||           मिस्त्र मस्जिद आतंकी हमले पर संयुक्त राष्ट्र सहित दुनिया भर मे रोष, 135 नमाजी मारे गये,109 घायल         ||           राष्ट्रीय शिविर के लिए 33 सदस्यीय महिला हॉकी टीम की घोषणा         ||           राष्ट्रपति कोविंद ने कहा गरीबों को निशुल्क सेवाएं मुहैया कराए कानूनी बिरादरी         ||           मुरली विजय ने जड़ा अर्धशतक, भोजनकाल तक भारत ने बनाये 97/1 रन         ||           ट्विटर ने 45 संदिग्ध खाते बंद किए         ||           भारत और फिनलैंड ने द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की         ||           उप्र में तेज धूप और कोहरे से राहत         ||           निर्देशक ने कहा 'कड़वी हवा' के प्रति सकारात्मक शब्द दर्शकों को सिनेमाघर लाएंगे         ||           ठाणे इमारत हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 4 हुई         ||           राजधानी दिल्ली में सुबह कोहरा छाया         ||           डोनाल्ड ट्रंप ने कहा आतंकवादियों से सैन्य कार्रवाई से निपटने की जरूरत         ||           मिस्र के राष्ट्रपति ने कहा मस्जिद हमले का बदला लिया जाएगा         ||           मिस्र के हवाई हमलों में मस्जिद के हमलावर भी ढेर         ||           
close
Close [X]
अब तक आपने नोटिफिकेशन सब्‍सक्राइब नहीं किया है. अभी सब्‍सक्राइब करें.

फिर-फिर घिरते लालू


फिर-फिर घिरते लालू

चारा घोटाले पर सोमवार को आया सुप्रीम कोर्ट का फैसला लालू प्रसाद की परेशानियां बढ़ाने वाला है। कोर्ट ने साफ कर दिया है कि इस मामले में दर्ज हर केस के लिए उन पर अलग से मुकदमा चलेगा। इससे पहले झारखंड हाईकोर्ट ने न केवल चारों मामलों में एक साथ मुकदमा चलाने की बात कही थी बल्कि आपराधिक साजिश का आरोप वापस लेने का आदेश भी दिया था।

सुप्रीम कोर्ट ने इस पर सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि हाईकोर्ट ने कानून के स्थापित सिद्धांत की अनदेखी करते हुए लालू प्रसाद को राहत दी। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने में विलंब को लेकर सीबीआई की भी खिंचाई की और कहा कि एजेंसी अपनी साख बनाए रखने में नाकाम रही। 

कोर्ट के इस कड़े फैसले ने राजनीतिक तौर पर अपनी उपस्थिति नए सिरे से महसूस कराने की लालू प्रसाद की कोशिशों पर पानी फेर दिया है। इसमें दो राय नहीं कि तमाम आरोपों, फैसलों और सजाओं के बावजूद लालू प्रसाद ने राजनीति में अपनी हनक काफी हद तक बनाए रखी है। स्वाभाविक रूप से विरोधी खेमे का सबसे ज्यादा ध्यान लालू प्रसाद को उलझाए रखने पर रहता है। अभी जब राष्ट्रपति चुनाव के बहाने विपक्षी राजनीति में एकजुटता की सुगबुगाहट शुरू हो रही थी तो सबकी नजरें लालू प्रसाद की संभावित चालों पर थीं। लेकिन इसी समय उनके खिलाफ एक साथ कई सारे मामले सामने आ गए। सुप्रीम कोर्ट का फैसला तो एक बात है, जेल में बंद माफिया डॉन और पूर्व सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन से उनकी बातचीत का टेप और बेटों के नाम से मॉल बनाने जैसे कुछ और विवादों ने भी उनकी नींद उड़ा रखी है। 

चारा घोटाला अगर उनके कथित भ्रष्टाचार को रेखांकित करता है तो मॉल विवाद आम लोगों के बीच घोटाले से हुई उनकी कमाई को लेकर बनी धारणाओं को मजबूती देता है। इन घटनाओं का लालू की दीर्घकालिक राजनीतिक घेरेबंदी से कोई लेना-देना हो या न हो, आरजेडी से नाता तोड़ने पर नीतीश कुमार को समर्थन की पेशकश करके बीजेपी ने अपनी दिली तमन्ना तो जाहिर कर ही दी है। देखना है, धर्मनिरपेक्षता के नाम पर बीजेपी से दूरी बनाने वाले नीतीश इस पेशकश को कितनी तवज्जो देते हैं।

डिसक्लेमर : ऊपर व्यक्त विचार लेखक के अपने हैं

Share:

कमेंट लिखें


आपका काममें लाइव होते ही आपको सुचना ईमेल पे दे दी जायगी

पोस्ट करें


कमेंट्स (0)


Sorry, No Comment Here.

अन्य विचार


 
 
 
 
 
 

अब प्रचलन में है